स्वास्थ्य

हेल्थ टिप्स : अध्ययन तनाव और बच्चों का स्वास्थ्य (डायटीशियन प्रियम्वदा दीक्षित)

च्चों का खानपान अच्छा नहीं होने तथा अध्ययन तनाव के कारण उन्हें पेट संबंधी कई बीमारियां हो सकती हैं। अध्ययन तनाव की वजह से पाचन प्रणाली तक रक्त का संचार अवरुद्ध होने लगता है। इससे पाचन तंत्र तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता और पोषक तत्वों का अवशोषण एवं इनके उपयोग करने की शरीर की क्षमता भी कम हो जाती है। आंत और मस्तिष्क की धुरी में गड़बड़ी हो जाती है, जिससे शरीर का उपापचय घटने लगता है। अंत में यह बच्चों के अध्ययन और समग्र प्रदर्शन को भी प्रभावित करता है। 

बच्चों को अधिकाधिक आयरन व विटामिन बी युक्त पदार्थ दें, इनमें शारीरिक और मानसिक ऊर्जा बनाए रखने की क्षमता होती है। अनाज, अंडे तथा मेवों में विटामिन बी की भरपूर मात्रा होती है। बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर खाना दें। इन्हें पेय पदार्थ दें, जिससे शरीर का हाइड्रेशन बना रहे। बच्चों को जंक फूड से दूर रखें और शारीरिक क्रियाओं को भी शामिल करें।

समग्र स्वास्थ्य विशेषकर मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए 7 से 9 घंटे की पर्याप्त नींद बहुत महत्वपूर्ण है। अध्ययन दिलचस्प तरीके से होना चाहिए, न कि तनावपूर्ण तरीके से, ताकि बच्चे अपनी पढ़ाई का आनंद ले सकें और वे अच्छी तरह से समझ सकें और अपनी परीक्षाओं में अच्छा कर सकें।

छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातें-

बच्चों को देर रात तक पढ़ाई के लिए छोटा और बार-बार हल्का भोजन करना चाहिए।
बच्चों को अच्छे पोषण के लिए भोजन में स्थानीय खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए।
बच्चों को अपने मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए नट्स, बीज, सूखे मेवे और भोजन में अच्छा प्रोटीन भी शामिल करना चाहिए।
बच्चों को पानी के अलावा तरल पदार्थ जैसे नारियल पानी, सूप, ताजा जूस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, दूध आदि ज़रूर शामिल करना चाहिए।
बच्चों को प्रतिदिन एक घंटे के लिए मनोरंजक गतिविधियों और शारीरिक गतिविधियों में संलग्न होना चाहिए।
बच्चों को उनकी मानसिक शांति और स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
बच्चों को अपने पेट के स्वास्थ्य के लिए किण्वित खाद्य पदार्थ, स्प्राउट्स, प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक स्रोतों को शामिल करना चाहिए।

 

प्रियम्वदा दीक्षित (डायटीशियन)

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