स्वास्थ्य

हेल्थ टिप्स : स्वस्थ जीवन और हीमोग्लोबिन का महत्व (डॉ. हिमांशु सिंह)

रीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन की सलाह दी जाती है। असल में इसके पीछे का उद्देश्य शरीर को प्रोटीन, विटामिन और आवश्यक खनिज की पूर्ति करना होता है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण कई प्रकार के गंभीर रोगों का खतरा हो जाता है, शरीर में  हीमोग्लोबिन की कमी हो जाना भी उन्हीं में से एक है।  हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक प्रकार का प्रोटीन है, जिसकी कमी के कारण शरीर में खून की मात्रा घट जाती है। इस स्थिति में एनीमिया रोग होने का खतरा हो सकता है, कई स्थितियों में एनीमिया जानलेवा भी हो सकती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला आयरन युक्त प्रोटीन होता है, जो कोशिकाओं को उनका विशिष्ट लाल रंग प्रदान करता है। साथ ही, शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन भी पहुँचाता है और उनके उत्तकों से कार्बनडाइऑक्साइड को फेफड़ों तक पहुँचने में मदद करता है, जो श्वसन क्रिया द्वारा सांस छोड़ने पर शरीर से बाहर निकल जाता है।

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में हीमोग्लोबिन की कमी होने का खतरा अधिक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर स्वस्थ आहार का रोजाना सेवन किया जाए तो हीमोग्लोबिन की कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि हीमोग्लोबिन की कमी कितनी खतरनाक हो सकती है, साथ ही किन चीजों का सेवन करके इस समस्या से बचे रह सकते हैं l

क्यूँ होती है शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी

-डेली डाइट में आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन कम हो सकता है.

-प्रेग्नेंसी की वजह से भी शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो सकती है.

-पीरियड के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग से भी हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो सकती है.

-जंक फूड का ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है इसका कारण.

-विटामिन, कैल्शियम की कमी के कारण हो सकती है शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी.

-पोषक तत्वों की कमी, चोट लगना, बवासीर में रक्तस्राव, कीमोथेरेपी, रेडिएशन, दवाइयों का सेवन भी हीमोग्लोबिन की कमी के कारण हो सकते हैं.

क्या हैं हीमोग्लोबिन की कमी के लक्षण

बहुत ज्यादा थकान महसूस होना. स्किन पर पीलापन आना और कमजोरी महसूस करना हीमोग्‍लोबिन की कमी के संंकेत हैं. शरीर में खून की कमी होने पर हार्ट बीट तेज होने की समस्‍या भी हो सकती है. इसकी वजह से सांस लेने में दिक्‍कत महसूस होती है. जब शरीर में खून कम होता है, तो ऑक्सीजन की कमी भी होने लगती है. इससे आपको सांस लेने में समस्या हो सकती है और भारीपन महसूस होने लगता है. ऑक्सीजन कम होने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी कम हो सकता है. यह कई और समस्‍याओं की वजह बन सकता है. हीमोग्‍लोबिन कम होने पर सिरदर्द और सीने में दर्द की शिकायत भी हो सकती है. जब शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है, तो आपको थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. ऐसे में आप कोई भी काम करने में जल्‍दी थक जाएंगे.

वृद्ध लोग या पौष्टिक आहार विशेषकर आयरन की पूर्ति न करने वाले लोगों में हीमोग्लोबिन की कमी होने का खतरा रहता है। इसके अलावा क्रोनिक स्वास्थ्य स्थितियां जैसे कि ऑटोइम्यून बीमारी, यकृत रोग, थायरॉयड रोग आदि के शिकार लोगों में भी हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो सकता है। इस समस्या से बचे रहने के लिए पौष्टिक आहार लेते रहें, साथ ही धूम्रपान से दूरी बना लें। खूब पानी पीने से भी हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

होम्योपैथी में इलाज 

Lecithin 3x                           

ferrum met                         

Vanadium met                   

Hygrophilia Q

 

डाॅ. हिमांशु सिंह                                   होमियोपैथिक फिजिशियन एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ,  देवांश होम्यो क्लिनिक, गोरखपुर

 

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