साहित्य

हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

कुवा ने कोरोना महामारी के विकराल रूप की चर्चा करते हुए कहा- अब तौ यहै लागत हय कि इ महाब्याद्धि केरे साथे जियय क परी। बताव तीसर साल लागि गवा। कोरउना ते मुक्ति नाय मिलि रही। दुनिया भर मा तबाही मचि हय। बड़े-बड़े देसन कय हालत पतली होय गयी। कुछु महीना नीके बीतत हयँ। फिरि मरमरा लागि जात हय। यहिका इलाज खाली दुई गज कय दूरी अउ मास्क हय। जिनके दुनव सुई लागि हयँ, उनहुक कोरउना होय रहा। अब इहिमा सरकार बेचारी का करय। जब जनता कौनव नियम मनतय नाइ। लोग-बाग बिन मास्क भीड़ म जाय रहे। कौनव कोरउना बांटि रहा। कौनव कोरउना क प्रसाद लय रहा। सगरी दुनिया म लाखन मनई कोरउना ते मरिगा। अपनेह देस मा कतना अदमी मरि चुका। मुला, लोगन केरी आँखी नाय खुलि रही। भाई, सब जने जान अउ जहान बचाव खातिर ‘दुई गज कय दूरी अउ मास्क जरुरी’ केरे नियम क्यार पालन करव।

चतुरी चाचा अपने प्रपंच चबूतरे पर लोई (हल्का कम्बल) ओढ़े बैठे थे। वहीं, ककुवा, कासिम चचा, बड़के दद्दा व मुंशीजी अलाव ताप रहे थे। गाँव के बच्चे आज रजाई में दुबके थे। घने कोहरे ने सूरज का रास्ता रोक रखा था। पुरई श्यामा गाय दुह रहे थे। आज सुबह अच्छी-खासी ठंड थी। मेरे पहुंचते ही ककुवा ने प्रपंच का आगाज कर दिया। ककुवा का कहना था कि कोरोना महामारी लम्बी चलेगी। हम सबको इसके साथ ही जीना होगा। जिन लोगों को कोरोना के दोनों टीके लगे हैं। उनको भी कोरोना का संक्रमण हो रहा है। इसलिए हम सबको भीड़ से दूर रहना चाहिए। बिना मास्क लगाए घर से कदम नहीं निकालना चाहिए। कोरोना का इलाज केवल दो गज की दूरी और मास्क ही है। कोरोना के चलते पूरी दुनिया में कोहराम है। मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ने से शक्तिशाली देश भी हिल गए हैं। सरकारें जितना कर सकती हैं, वह सब कर रही हैं। परन्तु, जनता अभी भी घोर लापरवाही कर रही है। लोग भूल जाते हैं कि कोरोना की दो लहरों में कितना आदमी अपनी जान खो चुका है। अब तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। इसके बाद भी लोग भीड़ में बिना मास्क जा रहे हैं। इसके कारण कोरोना दिन दूनी-रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है।

चतुरी चाचा ने ककुवा की चिंता को उचित ठहराते हुए कहा- ककुवा, तुमार चिंता जायज है। पब्लिक पगलान हय। महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली सहित कयू राज्यन मा कोरउना क्यार नवा रूप आफत मचाय हय। हम काल्हि समाचार मा द्याखा रहय कि सगरी दुनिया म रोज 19 लाख नये मरीज मिलि रहे। खाली अमरीका म रोज साढ़े पांच लाख ते जादा मरीज निकर रहे। अमेरिका, फ्रांस अउ ब्रिटेन सहित पांच देसन कय स्थिति बड़ी दयनीय हय। भारतव म 17 हजार ते जादा कोरोना रोगी रोज मिलि रहे। महाराष्ट्र केरी हालत सबसे जादा खराब हय। टीवी अउ अख़बार म बताय रहे कि आगे स्थिति अउर खराब होय जाई। काहे ते लोग कोरउना नियमन केरी धज्जियाँ उड़ा रहे हयँ। जनता कय या मनमानी वही प भारी परी। सरकार, डॉक्टर अउ वैज्ञानिक सब जनेन का कहना हय कि कोरउना संक्रमण रोकय केरी खातिर दुई गज कय दूरी अउ मास्क जरूरी हय। मुला, जनता इ बात का नाय मानि रही। न मानव सब जने, भाव भुगतिहौ।

इसी बीच चंदू बिटिया प्रपंचियों के लिए जलपान लेकर आ गई। आज पानी पीने के लिए भुनी शकरकंद और हरी धनिया-मिर्च की चटपटी चटनी थी। तुलसी अदरक की कड़क चाय की जगह गिलोय का काढ़ा था। ककुवा ने काढ़ा देखते ही मुँह बिचका दिया। इस पर चतुरी चाचा बोले- अब तुम सभे चाय केरी जगह गिलोय क्यार काढ़ा पिहौ। …अउर हां, सब जने मास्क लगायक दूर-दूर बइठिहौ। प्रपंच होय जाय, फिरि तुम पँचन का हम मास्क अउ सैनिटाइजर द्याबय।

बड़के दद्दा ने प्रपंच को आगे बढ़ाते हुए बताया कि 31 दिसम्बर की रात और पहली जनवरी के दिन खूब जमावड़ा हुआ है। किसी में भी कोरोना की चिंता नहीं थी। कुछ लोग अपवाद हैं, जिन्होंने घर में ही रहकर नया साल मनाया है। बाकी अधिकतर लोगों ने रेस्टोरेंट, होटल, मॉल, पार्क, जू व मन्दिर इत्यादि जगहों पर जाकर अंग्रेजी नववर्ष मनाया है। मैं कल एक काम से लखनऊ गया था। वहां जगह-जगह भारी हुजूम था। किसी को न दो गज की दूरी ख्याल था। …और न ही किसी के मुंह पर मास्क था। सब अपनी मस्ती में थे। इसी तरह की लापरवाह भीड़ से कोरोना फैलता है। उधर, चुनावी रैलियां भी जोरों पर हैं। इस पर मुंशीजी बोले- सही कह रहे हो बड़के। मैं भी कल चन्द्रिका देवी मंदिर गया था। वहाँ हजारों-हजार लोग जमा थे। कुछ लोग ही मास्क में दिखाई पड़े थे। यह सब देखकर लगता है कि किसी को भी कोरोना से डर नहीं लग रहा है। पिछले साल कोरोना में हुई मौतें सब के सब भूल चुके हैं। लोग खुद कोरोना को अपने घर लेकर आएंगे। उसके बाद यही लोग योगी और मोदी को गाली देंगे।

कासिम चचा ने बताया कि कोरोना काल में नया साल जमकर मनाया गया। मंदिरों पर भारी भीड़ उमड़ी थी। इस तरह के जमावड़े से कोरोना तो फैलेगा ही। जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर में 31/1 की रात लाखों लोग एकत्र थे। भोर में भगदड़ मच गई। उसमें 12 लोगों की मौके पर मौत हो गई। दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए। हम लोगों को चाहिए कि अब भीड़ से दूर रहें। घर से मास्क लगाकर ही बाहर निकलें। कोरोना के विकराल रूप को देखते हुए चुनावी रैलियों पर रोक लगनी चाहिए। चुनाव आयोग को चाहिए कि वह यूपी, उत्तराखंड, पँजाब, मणिपुर व गोवा आदि राज्यों में नेताओं को भीड़ जुटाने से रोके। नेताओं को भी चाहिए कि वे जनता को ऑन लाइन सम्बोधित करें। सब अपने घर में रहकर मोबाइल पर नेताओं की बात सुने। कोरोना महामारी से बचने के लिए कोरोना नियमों को कड़ाई से मानना होगा।

मैंने प्रपंचियों को कोरोना का अपडेट देते हुए बताया कि विश्व में अबतक 30 करोड़ लोग कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं। इनमें 55 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह भारत में अबतक तीन करोड़ 49 लाख लोग कोरोना की जद में आ चुके हैं। इनमें करीब चार लाख 82 हजार लोग बेमौत मारे जा चुके हैं। देश में अबतक कोरोना टीके 150 करोड़ से अधिक डोज लग चुकी है। विश्व में कोरोना का ओमिक्रोन नामक नया वैरियंट कोहराम मचा रहा है। कोरोना के पुराने डेल्टा वैरियंट के साथ डाल्मीक्रोन नामक नया वैरियंट भी गतिमान है। भारत में ओमिक्रोन वैरियंट के मरीजों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है। देश के 18 राज्यों में कोरोना का ओमिक्रोन वैरियंट पहुंच गया है।

महाराष्ट्र, केरल व दिल्ली की स्थिति बड़ी खराब होने लगी है। देश के कुल कोरोना मरीजों में आधे रोगी अकेले महाराष्ट्र में निकल रहे हैं। यूपी, गुजरात सहित पांच राज्यों में रात्रिकालीन कर्फ़्यू लागू है। कल से बच्चों (15 से 18 वर्ष) को कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। जबकि आगामी 10 जनवरी, 2022 से फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जाएगी।अंत में चतुरी चाचा ने सबको अंग्रेजी नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा- आजु काल्हि यूपी म कोरोना क बजाय ‘समाजवादी इतर’ केरी चर्चा जादा होय रही। कानपुर म इतर व्यापारी पीयूष जैन क घर मा छापा परा। वहिके घर मा 200 करोड़ नगद रुपया मिला। कुंतलन सोना, चांदी अउ चंदन क्यारु तेल मिला। कानयपुर मा इतर व्यापारी पुष्पराज जैन अउ याकूब क घरन म छापा परा हय। द्याखव इ दुनव क घर मा का-का निकरत हय।इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही को लेकर फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!

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