साहित्य

हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

नेताओं की बदजुबानी की चर्चा करते हुए ककुवा ने कहा- नेतन केरी बदजुबानी बढ़तय जाय रही। कयू नेता मीडिया म बने रहय ख़ातिन अटाय-सटाय बक्का करत हयँ। लोग-बाग उनकी बातन का चटखारा लैके पढ़त-सुनत हयँ। यहिते उई मनबढ़ होत चले जाय रहे। अब द्याखव शुक का करनाटक म कांग्रेसी विधायक रमेश केतना गन्दा बोलिस। अइसी यूपी म सपाई सांसद शफीकुर्रहमान बर्क पगलाय गये। इनकी नजरन म बिटिया-बहिनिन केरी कौनिव इज्जत नाइ हय। रमेश सदन म बलात्कार पय ब्वाला- ‘लेटो और मजे करो।’ अइसी तन बर्क ब्वाला- ‘शादी की उम्र बढ़ने से लड़कियां आवारा हो जाएंगी। अरे! बिटियन कय ब्याह जौ 18 क बजाय 21 साल म होई, तौ उनका तीन बरस अउर मिलिहैं। बिटिया-बहिनी अपने पांव पय खड़ी होय सकिहैँ। हम तौ मोदीजी कय सोच का सलाम करित हय। बिटियन क ब्याह केरी उमरि 21 साल होय क चाही।
चतुरी चाचा अपने प्रपंच चबूतरे पर पलथी मारे अख़बार पढ़ रहे थे। ककुवा, मुंशीजी, कासिम चचा व बड़के दद्दा वहीं बैठे गप्पसप्प कर रहे थे। पुरई पशुओं को चारा-पानी कर रहे थे। गांव के बच्चे आम के पेड़ पर ‘सियर-सटकना’ खेल रहे थे। आज सुबह मौसम बड़ा साफ था। चटख धूप गुलाबी ठंड को कम कर रही थी। मेरे पहुंचते ही ककुवा बेशर्म नेताओं की बदजुबानी को लेकर बतकही शुरू कर दी। ककुवा का कहना था कि मीडिया में बने रहने के लिए कुछ नेता जानबूझकर उल्टा-सीधा बोलते हैं। इन बड़बोले नेताओं के मन में बहन-बेटी के लिए भी सम्मान नहीं है। ये लोग कभी कुछ भी बोल देते हैं। लोग इनकी सड़ी-गली बातों पर चटखारे लगाते हैं। बेटियों की शादी 18 के बजाय 21 साल में होने से बेटियां आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यह बात इन नेताओं के समझ में नहीं आ रही है। ये लोग शादी की उम्र बढ़ाये जाने पर बहन-बेटियों का चरित्रहनन कर रहे हैं।
ककुवा की बात को आगे बढ़ाते हुए चतुरी चाचा ने कहा- ककुवा, तुम सही कह रहे हो। नेतन केरी बगलोली बढ़ि रही हय। अभद्र, बेतुकी अउर अपमानजनक बातय करय वाले नेता सब दलन म हयँ। आज तलक कौनिव पार्टी अपने बगलोल नेता पय कारवाई नाइ किहिस। यहिके उल्टा बड़के नेता अपने छोटके नेता केरे बचाव म उतर परत हयँ। पूरी पार्टी अपने बगलोल नेता का नीक बताव लागत हय। सारा ठीकरा पत्रकारन पय फोर दीन जात हय। जनतव कुछु दिनन बादि सब भुलाय जात हय। करनाटक म तौ हद्द होय गयी। कांग्रेसी विधायक महिलन पय यतना गन्दा बोलत रहा। सगरा सदन सुनत रहा। कौनव विरोध नाय किहिस। अउर तौ अउर सभापति महोदय खिंसय निपोरत रहे। इ तिनके विधायक का सदन ते बाहर फेंकय क चही रहय। मुला, सब याकय थारी क चट्टे-बट्टे हयँ। अब प्रिंयका बिटिया का चाही कि अपने उई विधायक का पार्टी ते निकारि देंय। काहे ते प्रियंका गांधी यूपी म कहत फिरति हयँ कि ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूं।’ उनका इ साइत अपने विधायक ते लड़य क चही।
इसी बीच चंदू बिटिया हम प्रपंचियों के लिए जलपान लेकर आ गयी। आज जलपान में ‘दुद बरिया’ और हमेशा की तरह कुल्हड़ वाली सोंधी कड़क चाय थी। हम सबने स्वादिष्ट मीठी दुद बरिया ख़ाकर पानी पीया। फिर चाय के साथ चर्चा शुरू हो गई।
मुंशीजी ने कहा- बेटियों की शादी अब ज्यादातर 21 साल के बाद ही हो रही है। गांव की भी लड़कियां पढ़ाई-लिखाई करके अपना कैरियर बनाना चाह रही हैं। ऐसे में सरकार अगर बेटियों की शादी वाली उम्र 18 के बजाय 21 करना चाह रही है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। कांग्रेस के विधायक ने महिलाओं के बारे में जो कुछ अनर्गल कहा है, उसका पूरे देश में विरोध हो रहा है। कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने भी अपने विधायक की निंदा की है। इधर, यूपी में इसी मुद्दे पर सपा के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क आपत्तिजनक बयान देते हुए बोले- ‘बेटियों की शादी अगर देर से की जाएगी, तो वह आवारगी करने लगेंगी।’ सपा के ही दूसरे सांसद एसटी हसन ने बेतुका बयान देते हुए कहा- ‘अगर 21 साल में बेटियों की शादी होगी, तो वह बच्चे नहीं पैदा कर पाएंगी। लड़कियों में बांझपन बढ़ेगा।’ इससे ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव अपने सांसद के बचाव में उतर पड़े। इसके काफी पहले सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने भी बलात्कार पर कहा था कि ‘लड़कों से गलती हो जाती है। क्या लड़कों को फांसी पर चढ़ा दोगे।’ समाजवादियों की लीला अपरंपार है।
बड़के दद्दा ने मुंशीजी की बात पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा- मुंशीजी, आपने सबकी चर्चा की, किंतु सपा के बड़े नेता आजम खां को भूल गए। आजम खां रामपुर में लोकसभा प्रत्याशी एवं सिने अभिनेत्री जया प्रदा के अंडर गारमेंट्स का रंग बता रहे थे। वहीं, किसी जमाने में लालू यादव को हेमा मालिनी के गाल बड़े चिकने लग रहे थे। देश में एक से बढ़कर एक बयान बहादुर हैं। इन नेताओं के लिए महिलाएं साफ्ट टॉरगेट हैं। इनका इलाज यही है कि देश की समस्त महिलाएं एकजुट हों। ऐसे बड़बोले नेताओं का हर जगह विरोध करें। उन्हें हर कदम पर बेईज्जत करें। साथ ही, महिलाओं को चाहिए कि वह भारी संख्या में राजनीति करें। राजनीति में आधी आबादी का प्रतिशत बहुत कम है। अब पढ़ी-लिखी लड़कियों को राजनीति में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। तभी महिलाओं को उनका सम्पूर्ण अधिकार एवं सम्मान मिल सकेगा। पुरुषों का राजनीति से एकाधिकार टूटेगा। महिलाओं पर छीटाकशी करने वाले नेताओं पर लगाम लगेगी।
बड़ी देर से सबकी बातें सुन रहे कासिम चचा ने कहा- तुम पंच बड़ी अच्छी-अच्छी बातें कर रहे हो। लेकिन, सब लोग कांग्रेस, सपा व अन्य दलों के खुराफाती नेताओं पर ही सीमित हो। क्या भाजपा में सारे नेता बड़े संस्कारी हैं? क्या भाजपा में बगलोल और अपराधी किस्म के नेता नहीं हैं? क्या भाजपा के कुछ नेताओं ने महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं किया है? अभी बहुत दिन नहीं बीते हैं। भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और भाजपा सांसद स्वामी चिन्मयानंद ने किस तरह लड़की से बलात्कार किया। दोनों भाजपा नेताओं ने अपने अपराध को छिपाने के लिए क्या-क्या नहीं किया? दोनों प्रकरणों में भाजपा के शीर्ष नेता तब चुप्पी साधे थे। अभी देखो लखीमपुर के भाजपा सांसद एवं देश के गृह राज्यमंत्री मिस्टर टेनी क्या कर रहे हैं? उनकी गुंडई पर भाजपा मौन है। कहने का मतलब यह है कि हर पार्टी में गन्दी मानसिकता के नेता घुसे हैं। जाति/धर्म की राजनीतिक मजबूरी के चलते पार्टियां अपने इन बददिमाग, बदजुबान नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं करती हैं। इनका इलाज जनता को ही करना पड़ेगा।
अंत में मैंने प्रपंचियों को कोरोना का अपडेट देते हुए बताया कि विश्व में अबतक 27 करोड़ 33 लाख से अधिक लोग कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं। इनमें 53 लाख 56 हजार से अधिक लोग बैमौत मारे जा चुके हैं। इसी तरह भारत में अबतक तीन करोड़ 47 लाख 26 हजार से ज्यादा लोग कोरोना की जद में आ चुके हैं। इनमें चार लाख 76 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। केन्द्र सरकार कोरोना का टीका निःशुल्क दे रही है। अबतक 136 करोड़ लोगों को टीका लग जा चुका है। इसमें करीब 53 करोड़ से अधिक लोगों को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी है।
विश्व में कोरोना का ओमिक्रोन नामक नया वैरियंट कोहराम मचा रहा है। भारत में भी ओमिक्रोन वैरियंट के मरीजों की संख्या 101 हो गई है। ऐसे में मॉस्क और दो गज की दूरी का पालन आवश्यक है। हर व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। बच्चों की कोरोना वैक्सीन अब आ जानी चाहिए।
इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही लेकर फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!

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