प्रादेशिक बिहार

अयोध्या में मुकेश सहनी : विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगा निषाद समाज

अयोध्या : शनिवार को प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में विशाल निषाद जन चेतना रैली का आयोजन किया गया. वीआईपी पार्टी के संस्थापक ” सन ऑफ मल्लाह” मुकेश सहनी  की अध्यक्षता में रह वशाल रैली संपन्न हुई. रैली में लाखों की संख्या में पहुंचे निषाद समाज के लोगों ने दिल खोलकर बिहार सरकार मुकेश सहनी का स्वागत किया. रैली में हुंकार भरते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि  यूपी की 403 में 169 विधान सभा क्षेत्रों में निषाद वोट बैंक काफी निर्णायक है.  उत्तरप्रदेश सरकार  ने अपने वायदे के अनुसार निषाद समुदाय की मल्लाह, केवट, बिन्द, मांझी, धीवर, कहार, गोड़िया, रायकवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति के आरक्षण का राजपत्र व शासनादेश जारी नहीं किया तो मिशन 2022 में किसी की नैया  पार नहीं लगेगी.

मुकेश सहनी ने आगे कहा कि केवट ने प्रभु श्री राम की नैया पार लगाई, लेकिन आज खुद उनके वंशजों की नैया बीच मझधार में फंसी हैं. उन्होंने कहा कि  मिशन 2022 में निषाद जातियां निर्णायक की भूमिका निभायेंगी. अब निषाद समाज को किसी के झांसे में नहीं जायेगा. चुनाव से पूर्व अनुसूचित जाति आरक्षण शासनादेश व राजपत्र जारी करने के बाद ही उत्तरप्रदेश की मौजूदा सरकार का खेवनहार बनने का निर्णय लेगा. उत्तर प्रदेश सरकार चाहे तो दो चार दिन में मझवार, तुरैहा, गोड़, बेलदार आदि को परिभाषित कर या पूर्व वर्ती सरकारों द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को स्वीकार कर निषाद जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दे सकती है.

विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी पिछले 9 अक्टूबर से  उ0प्र0 के 13 जनपदों में हेलीकाॅप्टर से दौरा कर चुके हैं. जिसमें गाजीपुर, गोरखपुर, सुलतानपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, वाराणसी, आगरा, आजमगढ़, अम्बेडकरनगर, बलिया, अयोध्या, प्रयागराज, मुजफ्फरनगर, औरैया आदि शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा कि निषाद पार्टी दल नहीं संजय एण्ड फैमिली की लूट टीम है. संजय ही नहीं उनके पूरे परिवार व 10 निषादों को एम एल सी, मंत्री बना दे, आरक्षण के शासनादेश के बिना निषाद समाज वीआईपी पार्टी को छोड़कर किसी को वोट नहीं देगा. कांठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती,अब किसी  के वादे पर विश्वास नहीं.

उन्होंने आगे बताया कि संजय निषाद मंत्री व एम.एल.सी. बनने के लिए हाथ पैर मार रहे हैं. स्वपरिवार के लिए ही संजय उत्तरप्रदेश की मौजूदा सरकार  नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहें है. उन्हें समाज को आरक्षण व अधिकार दिलाने की चिन्ता नहीं है। अगर निषाद पार्टी निषाद समाज के आरक्षण और अधिकार मुद्दे पर गम्भीर है तो स्पष्ट घोषणा करें कि निषाद आरक्षण का राजपत्र व शासनादेश जारी नहीं किया गया तो उत्तरप्रदेश की मौजूदा सरकार  से कोई रिश्ता नहीं रहेगा.

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