साहित्य

हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

तुरी चाचा ने देश में विशेषकर फिल्मी दुनिया में बढ़ रही नशे की लत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा- बॉलीवुड मा नशेड़ियों कय संख्या बढ़त जाय रही हय। सुशांत सिंह राजपूत केरी मौत होय क बादि ते नए-नए नशेड़िन का पता चलि रहा। सालय भर मा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कतने मामला खोलि डारिस। कयू हीरो, हीरोइन अउ उनके परिजन ड्रग्स कय लती मिलिगे। आज काल्हि शाहरुख खान क बेटा आर्यन जेल मा रोटी तुरिय रहा हय। आर्यन पानी वाले जहाज मा दोस्तन संग पार्टी कय रहा रहय। एनसीबी वाले वहिका हुवैं मादक पदार्थ केरे साथे दबोच लिहिन रहय। यही मामले मा चंकी पांडेय क बिटिया अनन्या पांडे ते पूछताछ होय रही हय। अब यहूम राजनीति होय रही हय। नशेड़िन कय जात, धरम अउ पार्टी ढूंढी जाय रही। यहौ कौनिव बाति भैय्?
चतुरी चाचा अपने प्रपंच चबूतरे पर पालथी मारे हुक्का गुड़गुड़ा रहे थे। कासिम चचा, ककुवा, मुंशीजी व बड़के दद्दा आपस में कुछ खुसुर-पुसुर कर रहे थे। आज मौसम साफ था। चबूतरे के बगल में गांव के बच्चे गोट्टा व सकरी-सतल्ला खेल रहे थे। मेरे पहुंचते ही चतुरी चाचा नशेबाजों पर बतकही शुरू कर दी। उनका कहना था कि शराब, गंजा, भांग, चरस, अफीम व हशीश सहित न जाने और कितने प्रकार के नशे प्रचलन में हैं। आजकल ड्रग्स की चर्चा कुछ ज्यादा ही है। देश के युवाओं को नशे की लत से बचाना होगा। फिल्मी दुनिया के हीरो-हीरोइन को नशे से दूर रहना चाहिए। क्योंकि, करोड़ो लोग उन्हें अपना रोल मॉडल मानते हैं। बॉलीवुड में ड्रग्स की पार्टियों का चलन बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी एजेंसियां जब उन पर कार्रवाई करती हैं, तब कुछ राजनीतिक लोग उसका विरोध करते हैं। कुछ ताकतवर लोग नशेड़ियों को बचाने में जुट जाते हैं। यह बड़ी चिंता का विषय है।
ककुवा ने चतुरी चाचा की बात का समर्थन करते हुए कहा- चतुरी भाई, सरकार नशेबाजन पय नकेल कसय। इहिमा कौनव भेदभाव न करय। कहे ते नशेबाजी मा लाखों घर-परिवार तबाह होत जाय रहे। यहिके चक्कर मा न जानी केतना मनई बेमौत मरि रहा। नशे केरी लत ते लरिका-बिटिया बिगर रहे। इ बर्बादी का रोकय का परी। सरकार का ड्रग्स माफियन के खिलाफ अभियान चलाव चाही। विदेश ते आय रही ड्रग्स का बिना रोके काम न चलि। ड्रग्स आपूर्ति रोकय खातिर सेना, पुलिस, गुप्तचर अउ नारकोटिक्स वाले मिलिके साझा अभियान चलावें। अंतरराष्ट्रीय तस्करन केरी जमिके धरपकड़ करयँ। जब देस मा कहूँ ते ड्रग्स आई न तौ नशेड़ी कहाँ ते पाइहैं? न रही बांस न बाजी बाँसुरी। समाज नशेबाज का बस नशेबाज समझय। कानून केरे फंदे मा फंसे नशेड़ी कय जात अउ धरम न द्याखय। नशा करय वालेन का अउ नशा बेचय वालेन का हिक़ारत भरी नजरन ते द्याखा जाय।
इसी बीच चंदू बिटिया प्रपंचियों के लिए जलपान लेकर हाजिर हो गई। आज जलपान में काले नमक व नींबू के साथ मकई के उबले भुट्टे थे। साथ में चाय की जगह आयुष काढ़ा था। जलपान के बाद प्रपंच दोबारा शुरू हुआ।
मुंशीजी ने विषय परिवर्तन करते हुए कहा- बेमौसम बारिश से खरीफ फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। विगत 17 व 18 अक्टूबर को उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हुई। नैनीताल से लेकर लखीमपुर खीरी तक जलप्रलय आ गयी। नदियों में उफान आ गया। बांध टूट गए। सड़कें बह गईं। हर तरफ सब पानी-पानी हो गया। इस आकस्मिक बरसात से खेती-बाड़ी में अप्रत्याशित क्षति हुई है। खेतों में जलभराव हो जाने से तमाम फसलें चौपट हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान धान की पकी फसल हुआ है। किसानों की छह महीने की मेहनत पानी में सड़ रही है। अमूमन 15 सितम्बर के बाद बारिश नहीं होती थी। लेकिन, इस वर्ष इंद्र देव को जाने क्या सूझा है? अक्टूबर के अंत में बारिश हो रही है। शायद यही जलवायु परिवर्तन है। प्रकृति से खिलवाड़ करना सब पर भारी पड़ने लगा है।
कासिम चचा ने यूपी के आसन्न विधानसभा चुनाव की चर्चा करते हुए कहा- वैसे तो अभी भाजपा ही आगे दिखाई पड़ रही है। सपा दूसरे स्थान से पहले नम्बर पर आने को बेताब है। परन्तु, इधर कांग्रेस अखिलेश यादव का खेल बिगाड़ रही है। प्रियंका गाँधी यूपी में ही लगातार सक्रिय हैं। लखीमपुर, बहराइच व आगरा हर जगह पहुंच रही हैं। उन्हें हर जगह जाने से रोका भी जा रहा है। प्रियंका इसे खूब भुना भी रही हैं। वह यूपी में 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देने की बात कह चुकी हैं। इसके अलावा वह कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा में छात्राओं को लैपटॉप व स्कूटी देने की बात कह रही हैं। मीडिया आजकल प्रियंका को सुर्खियों में रखे हुए है। इससे सपा के साथ बसपा को भी दिक्कत हो रही है।
बड़के दद्दा इस पर बोले- अरे! कासिम चचा, कहाँ पड़े हो चक्कर में-कोई नहीं है भाजपा की टक्कर में। यूपी की जनता राहुल गाँधी और उनकी बहन प्रियंका को लेकर गम्भीर ही नहीं है। प्रियंका केवल चुनाव के वक्त उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो जाती हैं। छोटी सामान्य घटनाओं पर भी राजनीतिक रोटी सेंकने लगती हैं। वह यहां भुक्तभोगियों के दरवाजे पर पहुंच जाती हैं। लेकिन, यही प्रियंका महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व पंजाब में घटित होने वाली बड़ी-बड़ी घटनाओं पर जाना तो दूर की बात, बल्कि अपना मुंह सिल लेती हैं। राहुल गाँधी का टिवटर भी कांग्रेस शासित राज्यों की आपराधिक घटनाओं पर खामोश रहता है। देश और प्रदेश की जनता इन दोनों के दोहरे चरित्र से वाकिफ है। प्रियंका जो सौगातें यूपी में सरकार बनने पर देने की बात कह रही हैं। आखिर वह सारी सौगातें कांग्रेस शासित राज्यों में क्यों नहीं दे सकीं? यूपी में न नौ मन तेल इक्कट्ठा होई, न राधा नचिहैँ।
अंत में चतुरी चाचा ने सबको करवा चौथ की बधाई देते हुए कहा- अब देवारी खोपड़ी प हयँ। हम पंच बचपने मा करवा चौथ के दिन ‘करवा हयँ करवारी, यहिके बरहे दिन हयँ देवारी’ गाते हुए गांव में घूमते थे। करवा क पहिलेन ते घरन मा साफ-सफाई, लेसाई-पुताई होय लागत रहय। तब देवारी क लैके बड़ा उमंग अउ उल्लास होत रहय। अब पर्व-त्योहार कब आये, कब गए। इसका पता ही नहीं चल पाता है। खैर, युह सब छोड़व। अब रिपोर्टर भइय्या ते कोरोना अपडेट सुना जाय।
मैंने कोरोना अपडेट देते हुए बताया कि भारत ने एक निश्चित समय में 100 करोड़ कोरोना टीके लगाकर पूरी दुनिया को अचंभित कर दिया है। भारत में युद्ध स्तर पर मुफ्त वैक्सीन लगाई जा रही है। आगामी 31 दिसम्बर तक भारत के सभी वयस्क नागरिकों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों के लिए भी स्वदेशी कोरोना टीका बहुत जल्द आने वाला है। भारत में जहां कोरोना महामारी थमी है। वहीं, इस समय रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी व चीन सहित अन्य कई देशों में कोरोना जोर पकड़ रहा है। कुछ देशों में तो लॉकडाउन की स्थिति आ गई है। इसलिए हम सबको सतर्क रहने की जरूरत है।
विश्व में अबतक 24 करोड़ 37 हजार से ज्यादा लोग कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं। इनमें तकरीबन 49 लाख 53 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह भारत में अबतक तीन करोड़ 41 लाख 58 हजार से ज्यादा लोग कोरोना की संक्रमित हो चुके हैं। इनमें चार लाख 53 हजार से अधिक लोगों को बचाया नहीं जा सका है। कोरोना के बदलते रूप को देखते हुए मॉस्क और दो गज की दूरी का पालन जरूरी है।
इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही लेकर फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!

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