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‘बुलेट ट्रेन’ से कर सकेंगे ‘अयोध्या’ का सफर, दिल्ली-वाराणसी के बीच होंगे 12 स्टेशन, कानपुर पर असमंजस

डेस्क : दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाए जाने का प्रस्ताव है. इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पर काम चल रहा है जिसे 30 सितंबर तक रेल मंत्रालय को सौंपी जानी है. इसी डीपीआर के आधार पर रेल मंत्रालय बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शुरुआत करैगा. प्रस्ताव के मुताबिक दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन को 865 किमी की दूरी नापनी होगी. इसके लिए 4 घंटे का वक्त रखा गया है जब बुलेट ट्रेन दिल्ली से खुलकर वाराणसी पहुंचेगी.

दिल्ली और वाराणसी के बीच 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं. बुलेट ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से खुलेगी और वाराणसी के मड़ुआडीह तक जाएगी. दिल्ली के बाद इस ट्रेन के स्टेशन नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी होंगे. इन स्टेशनों में अयोध्या सबसे खास होगा, क्योंकि वहां भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा, जिसे देखने के लिए देश-दुनिया के लोग बुलेट ट्रेन से जा सकते हैं.

दिल्ली से पूर्वांचल की तरफ निकलने वाली ट्रेनों का खास ठिकाना कानपुर होता है. लेकिन, बुलेट ट्रेन में कानपुर स्टेशन को नहीं रखा गया है. इसकी वजह है कि कानपुर दिल्ली-वाराणसी के सीधा रूट पर नहीं है. कानपुर के लिए ट्रेन को मोड़ना होगा. पटरी भी उसी हिसाब से बनानी पड़ेगी. बुलेट ट्रेन का रूट सीधा रखते हैं ताकि स्पीड बनी रहे. घुमाव में दुर्घटना का भी खतरा होता है. कानपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इसे स्टेशन रूट मैप में नहीं रखा गया है. अभी तक कानपुर को प्रस्तावित रूट में शामिल नहीं किया गया है. लेकिन, इसकी मांग चल रही है. इस पर विचार जारी है.

रामलला की नगरी अयोध्या और काशी विश्वनाथ के दरबार वाराणसी तक पहुंचने के लिए महज कुछ घंटों का सफर करना होगा. दिल्ली से कई घंटे के सफर को बुलेट ट्रेन से बहुत कम घंटे में नापा जा सकेगा. इसकी तैयारी तेज हो गई है और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम करने वाली एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की मानें तो 30 सितंबर तक इसकी प्रोजेक्ट डिटेल रिपोर्ट फाइनल हो जाएगी. यमुना एक्सप्रेसवे पर बनने वाले जेवर एयरपोर्ट को भी बुलेट ट्रेन के रूट से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है. इसकी रिपोर्ट भी डीपीआर में शामिल की जानी है. इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है.

दिल्ली के सराय काले खां से निकलने वाली बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन नोएडा सेक्टर 144 में होगा. दूसरा स्टेशन जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा. बुलेट ट्रेन का पूरा रूट एलिवेटेड होगा और इसकी ऊंचाई 10 मीटर होगी. दिल्ली से वाराणसी के बीच 12 स्टेशन होंगे जबकि 865 किमी का सफर महज 4 घंटे में पूरा किया जाएगा. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की रिपोर्ट पिछले साल 29 अक्टूबर को पेश कर दी थी जिसकी फाइनल डीपीआर सितंबर अंत तक रेल मंत्रालय को सौंपी जानी है. डीपीआर में इस बात पर भी गौर किया जा रहा है कि जिन रूट से बुलेट ट्रेन निकलेगी, उन इलाकों में ट्रैफिक कितनी है और लोगों की भीड़भाड़ का क्या हाल रहता है.

दिल्ली-वाराणसी के अलावा छह और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर विचार चल रहा है. इनमें 760 किमी का वाराणसी से हावड़ा, 753 किमी का मुंबई से नागपुर, 866 किमी का दिल्ली से अहमदाबाद, 435 किमी का चेन्नई से मैसूर, 459 किमी का दिल्ली से अमृतसर और 711 किमी का मुंबई से हैदराबाद का रूट शामिल है.

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