साहित्य

हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

तुरी चाचा ने विश्व में बढ़ रहे आतंकवाद और धार्मिक कट्टरता की बात करते हुए कहा- अफगानिस्तान पय तालिबान जैइस बर्बर आतंकवादी संगठन केरा कब्जा होय गवा। पूरा संसार देखतय रहि गवा। देखा जाय तौ कयू साल ते मानवता प आतंकवाद केर ग्रहन लगा हय। मुला, विश्व समुदाय अबहिंयू एकजुट नाय होय पा रहा। आतंकवादिन केरे खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़य क बजाय सब जने आपन-आपन ढपली बजाए रहे, आपन-आपन गीतु गाये रहे। यही कारन ते आतंकवादी संगठन खूब फुलि-फलि रहे। तथाकथित मुस्लिम आतंकी दुनिया भर मा अपनि धार्मिक कट्टरता फैलाय रहे। इ आतंकवादी गोला-बारूद केरे दम पय समूचे विश्व मा बर्बरता कीन चाहत हयँ।
चतुरी चाचा अपने चबूतरे पर बड़े गम्भीर मुद्रा में बैठे थे। उनके हुक्के की चिलम ठंडी पड़ चुकी थी। भोर में जोरदार बारिश हो जाने से मौसम बड़ा सुहावना था। मैं आज ककुवा व बड़के दद्दा से पहले ही प्रपंच चबूतरे पर पहुंच गया था। मेरे बाद कासिम चचा और मुंशीजी की जोड़ी भी चबूतरे पर पधार गई। ककुवा ने मुझसे पूछा- रिपोर्टर भइय्या, काल्हि तौ अफगानिस्तान मा तालबानी सरकार शपथ लै लिहिस न? हमने उन्हें बताया कि कल किन्हीं कारणों से शपथ ग्रहण नहीं हुआ। इस पर ककुवा बोले- अच्छा, हम तौ सुना रहय कि अमेरिका क चिढ़ावै खातिर 11/9 का काबुल मा शपथ ग्रहण अउ जश्न होई। तभी चतुरी चाचा ने विश्व में आतंकवादियों की बढ़ती ताकत और धार्मिक कट्टरता पर बोलना शुरू कर दिया। वह अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे और विश्व बिरादरी के मूक दर्शक बनने से काफी दुःखी थे। चतुरी चाचा ने आतंकवादियों को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन ठहराया।
चतुरी चाचा की बात को आगे बढ़ाते हुए मुंशीजी बोले- विश्व के सभी शक्तिशाली देशों को आपस का शीतयुद्ध बन्द कर देना चाहिए। आतंकवाद के विरुद्ध सभी को साझा रणनीति बनानी चाहिए। सभी देशों को मिलकर सबसे पहले आतंकवाद के गढ़ पाकिस्तान पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तान ही अकेला देश है, जो तमाम आतंकी संगठनों को पालता-पोषता है। पाकिस्तान ही वह देश है, जो आतंकवादियों को अपनी फौज से लड़ने की ट्रेंनिग दिलवाता है। वह अन्य देशों के आतंकवादियों को अपने यहां शरण देता है। पाक आतंकियों को गोला-बारूद और रकम देता है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आतंकवादियों को आतंक के लक्ष्य बताती है। वहां की सरकार, फौज और खुफिया एजेंसी आतंकवादी संगठनों को मजबूत करने में कई दशक से जुटी है। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान ने ही तालिबान को काबिज करवाया है।
इस पर बड़के दद्दा ने कहा- अब पाकिस्तान अपनी जमीन का ही नहीं, बल्कि अफगानिस्तान की जमीन का भी आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करेगा। पाकिस्तान विभिन्न आतंकी संगठनों से भारत में आत्मघाती हमला करवा सकता है। क्योंकि, पाकिस्तान जानता है कि वह भारत से सीधी लड़ाई में जीत नहीं सकता है। इस मामले में चीन भी पाकिस्तान का साथ दे रहा है। चीन को भारत की प्रगति खटक रही है। वह भी पाकिस्तान की तरह भारत से सीधा लड़ना नहीं चाहता है। वह पाकिस्तान व अफगानिस्तान के कन्धे पर बंदूक रखकर भारत को निशाना बनाना चाहता है। चीन काफी दिनों से भारत के सभी पड़ोसी देशों को अपने पक्ष में एकजुट कर रहा है। ड्रैगन भारत को चारों तरफ से घेरना चाहता है। हालांकि, भारत ने अपनी कूटनीतिक चाल से चीन को समूची दुनिया से अलग-थलग कर दिया है। पूरा विश्व कोरोना महामारी के लिए भी चीन को दोषी मानता है।
इसी बीच चंदू बिटिया हम सबके लिए गेहूं-चने की घुघरी, लाल मिर्च-लहसुन की चटनी, ताजा पानी व कुल्हड़ वाली स्पेशल चाय लेकर आ गई। जलपान के बाद कासिम चचा ने प्रपंच को आगे बढ़ाते हुए कहा- उन्हें यह देखकर बड़ा अफसोस होता है कि भारत के कुछ मुसलमान तालिबान का समर्थन कर रहे हैं।
कासिम चचा ने कहा- अफगानिस्तान में तालिबान जैसे खूंखार आतंकवादी संगठन का कब्जा होने पर कुछ भारतीय मुसलमानों द्वारा जश्न मनाना कहीं से भी वाज़िब नहीं है। ऐसे भारतीय मुसलमानों को सोचना होगा कि अफगानिस्तान में मुस्लिम धर्म मानने वाले ही लोग रहते हैं। तालिबान उन पर बर्बरता कर रहा है। बेकसूर नागरिकों पर तालिबानी जुल्म ढा रहे हैं। अफगान महिलाओं को पशुओं से भी बुरी ज़िंदगी जीने पर मजबूर कर रहे हैं। हम सबको यह बात दिमाग में बिठा लेनी चाहिए कि दुनिया का कोई भी आतंकी संगठन इंसानियत के लिए ठीक नहीं हो सकता है। इन संगठनों को अमन-चैन से नफरत है। सच पूछो तो इनका किसी महजब से लेना देना नहीं है। इन विनाशकारी आतंकियों का मजहब सिर्फ खून-खराबा है। इसलिये भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान सहित किसी भी आतँकवादी संगठन की तरफदारी नहीं करनी चाहिए। हम सबको अपने मादर-ए-वतन हिन्दुस्तान को हर तरफ से महफूज रखने के बारे में सोचना चाहिए।
ककुवा ने विषय परिवर्तन करते हुए कहा- अबसिला धान कय फसल बड़ी नीक हय। मानसून तौ तनुक देर ते आवा रहय। मुला, जब ते आवा, तब ते झोरिक़े बरसि रहा हय। गरगरायक पानी गिरे ते नदी, नाला अउ ताल सब उफनाय परे। यहिते बहुत जगह बाढ़ और जलभराव होय गवा। लोगन का जानमाल केरा नुकसान भवा। कुछ राज्यन मा हज़ारों बिघा फसलय पानिम डूबि गईं। गांवन केरी गलियां का छाड़ो, शहरन केरी सड़क पय नाव चलय क नौबत आय गई। द्याखव, कब तलक हर साल आवै वाली इ बहिया अउ सूखा ते निजात मिलिहै।
चतुरी चाचा ने अंत में राधाष्टमी की अग्रिम बधाई देते हुए कहा- दक्षिण भारत के कई राज्य कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं। उत्तर भारत में उत्तरप्रदेश, बिहार, दिल्ली व मध्यप्रदेश आदि राज्य रहस्यमयी बुखार से जंग कर रहे हैं। हर तरफ आम आदमी परेशान है। इसी में आतंकी और अपराधिक घटनाएं भी हो रही हैं। मुम्बई में एक युवती के साथ बर्बर बलात्कार हुआ। उस पीड़िता की अस्पताल में दर्दनाक मौत हो गयी। आखिर इंसान ही इंसान को क्यों खाए जा रहा है? धर्म का नाश हो रहा है। अधर्म बढ़ता ही जा रहा है। अब भगवान को फिर से अवतार लेना चाहिए।
हमने हमेशा की तरह सभी प्रपंचियों को कोरोना का अपडेट देते हुए बताया कि विश्व में अबतक कोरोना से 46 लाख 31 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा 23 करोड़ की तरफ बढ़ रहा है। वहीं, भारत में अबतक चार लाख 42 हजार से ज्यादा लोगों की मौत चुकी है। तीन करोड़ 32 लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अभी भी प्रतिदिन 33-34 हजार नए मरीज रोज निकल रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति केरल की बनी हुई है। तीसरी लहर आने की आशंका से पूरा देश सशंकित है। इसके बावजूद लोग घोर लापरवाही बरत रहे हैं। बहरहाल, मोदी सरकार कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा अभियान चला रही है। अभी तक 73 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना टीका लगाया जा चुका है। हिमाचल शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने वाला पहला राज्य बन गया है। गोवा में सभी को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। जबकि उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में टीकाकरण हो रहा है।
इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही लेकर फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!

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