साहित्य

हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

तुरी चाचा ने आतंकवाद की चर्चा करते हुए कहा- विश्व समुदाय का आतंकवाद केरे विरोध मा एकजुट होय क परी। समूचे शक्तिशाली देसन का आपसी मतभेद भूलि कय आतंकवाद पय प्रहार करय क चही। तालिबानी, हक्कानी, आईएसआईएस, अलकायदा, जैश-ए-मोहम्मद सहित सारे आतंकवादी संगठन मानवता केरे दुश्मन हयँ। मुस्लिम आतंकवादी समूची दुनिया क क़त्लगाह बनावे पय आमादा हयँ। पाकिस्तान आतंकी संगठनन का माई-बाप बना हय। आतंकिन का गोला, बारूद, असलहा अउ प्रशिक्षण सब पाकिस्तान देत हय। सबसे पहिले पाकिस्तान का ठिकाने लगावै क चही।
चतुरी चाचा अपने प्रपंच चबूतरे पर बड़ी गम्भीर मुद्रा में बैठे थे। वह गमछे से बार-बार पसीना पोछ रहे थे। आज की सुबह उसम भरी थी। आसमान में बादल छाए थे। हवा बिल्कुल थम सी गयी थी। ककुवा अपने गमछे को ही बेना बनाए थे। मुंशीजी, कासिम चचा व बड़के दद्दा भी गर्मी से बेहाल थे। मेरे पहुंचते ही चतुरी चाचा ने आतंकवाद पर बोलना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पूरे संसार को आतंकवादी संगठनों से मुक्ति पाने के लिए कोई युक्ति लगानी चाहिए। क्योंकि, मुस्लिम आतंकी पूरी दुनिया में कत्लेआम करना चाहते हैं। ये लोग जन्नत और 70 हूरों की चाहत में निर्दोष लोगों की हत्याएं करते हैं। महिलाओं-बच्चों पर जुल्म ढाते हैं। ये जाहिल-कायर लोग जगह-जगह गोलाबारी, बम विस्फोट और आत्मघाती हमले करते हैं। जिस देश पर हमला होता है। वही देश इनसे लड़ता है। बाकी सारे देश मूकदर्शक बने रहते हैं। यह तरीका बेहद कष्टकारी है। आतंकवाद पर चौतरफा हमला होना चाहिए।
चतुरी चाचा की बात को आगे बढ़ाते हुए कासिम चचा बोले- ये आतंकी सिर्फ हिन्दू, सिक्ख, बौद्ध, जैन, ईसाई व पारसी इत्यादि के ही नहीं, बल्कि अमन पसन्द मुसलमानों के भी दुश्मन हैं। अफगानिस्तान इसका ताजा उदाहरण है। तालबानी वहां मुसलमानों का जीना हराम किये हैं। मुस्लिम महिलाओं पर जुल्म ढाते हैं। तालिबानियों ने अबतक अनगिनत मुसलमानों को मौत के घाट उतार दिया है। अभी जुम्मे के रोज आईएसआईएस ने काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमला किया था। उसमें कुछ विदेशी नागरिकों के साथ तमाम अफगानी मुसलमान बैमौत मारे गए। इतना ही नहीं, पाकिस्तान आतंकवादियों को पालता-पोषता है। इसके बावजूद वहां भी आतंकी घटनाएं होती रहती हैं। देर-सबेर पाकिस्तान पर भी अफगानिस्तान की तरह आतंकवादी संगठनों का कब्जा होगा। कहने का मतलब यह है कि आतंकवादियों का मुस्लिम धर्म से कोई लेनादेना नहीं है। ये लोग सिर्फ और सिर्फ इंसानियत के दुश्मन हैं। आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ना कतई गलत है।
बड़के दद्दा ने कासिम चचा से पूछा- चचा, आप कह रहे हैं कि आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ना गलत है। चलिए आपकी बात मान लेते हैं। परंतु, हर आतंकी मुसलमान ही क्यों होता है? इसका जवाब तो दीजिए। कासिम चचा ने कहा- बड़के, तुम मेरी बात कभी नहीं समझ सकते। तुम्हारा हल हमेशा अलग ही चलता है। तुम ही बताओ कि ये आतंकी मुसलमानों पर जुल्म क्यों ढाते हैं? अगर इस्लाम की ही बात है तो ये मुस्लिम महिलाओं-बच्चों पर सितम क्यों कर रहे हैं? अगर इन सब चीजों का आधार मुस्लिम धर्म ही होता तो इस्लामिक राष्ट्रों में आतंकी घटनाएं न हो रही होती। मुस्लिम राष्ट्र ईरान और इराक में वर्षों युद्ध न होता। तुर्की सहित अन्य मुस्लिम देश अफगानिस्तान के परेशानहाल मुसलमानों को अपने देश आने से मना न करते। हमारी बात को समझने की कोशिश किया करो। मैं हजार बार कहूँगा कि आतंकवादियों का मुस्लिम धर्म से कोई मतलब नहीं है।
इसी बीच चंदू बिटिया जलपान लेकर आ गयी। आज जलपान में घुँइया के पत्तों का सैंढ़ा (पकौड़ी), धनिया-मिर्चे की हरी चटनी व कुल्हड़ वाली स्पेशल चाय थी। जलपान के बाद ककुवा ने प्रपंच को आगे बढ़ाया।
कुकवा ने कहा- इ आतंकिन ते सबसे बड़ा खतरा अपने भारत का हय। काहे ते चालक चीन अउ दुष्ट पाकिस्तान समहे आइके लड़ि न। इ दुनव खुराफाती देस भारत ते जलत हयँ। हमरे इ दुनव पड़ोसी देस आतंकवादिन का आगे कय रहे। अफगानिस्तान मा जउनु कुछु होय रहा। युहु सब पाकिस्तान अउ चीन केरा किया धरा हय। आवे वाले समय मा सगरे आतंकी संगठन भारत का निशाना बनाय सकत हयँ। यहिके खातिर हम सबका अबहिन ते तैयार रहय क चाही। वैसे तौ भारतीय सेना आतंकिन का सर्वनाश कय रही हय। मुला, अपने देस मा बड़े गद्दार भरे परे हयँ। इनका इलाज बड़ा जरूरी हय। देस दोरहिन केरी जगह बस जेल हय। मोदी सरकार का चाही कि सबसे पहिले इन देस दोरहिन पय लगाम लगावैं।
मुंशीजी ने विषय परिवर्तन करते हुए कहा- भारी बारिश और बाढ़ के कारण आजकल असम, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र सहित अन्य कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जानमाल का बड़ा नुकसान हो रहा है। जलभराव से लाखों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। विपक्षी दलों के नेता मीडिया में भाजपा को गरिया कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं। वहीं, भाजपा के नेता जन आशीर्वाद यात्रा में मस्त हैं। बाढ़ पीड़ितों का दुःख-दर्द बांटने वाला कोई नहीं है। जनता विशेषकर किसान कोरोना काल में आ रही दैवीय आपदाओं से अकेले लड़ रहे हैं। सरकार को बाढ़ और सूखा से निबटने के लिए कोई स्थायी हल खोजना चाहिए। साथ ही, सरकार को किसान के बच्चों की अच्छी शिक्षा और रोजगार के बारे में कुछ सार्थक काम करना चाहिए। क्योंकि, जब किसान समृद्ध होगा, तब देश भी समृद्ध होगा।
हमने कोरोना का अपडेट देते हुए सबको बताया कि विश्व में अबतक 21 करोड़ 82 लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 45 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसी तरह भारत में अबतक तीन करोड़ 26 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना हो चुका है। इनमें से चार लाख 37 हजार से अधिक लोग बचाए नहीं सके। देश में सबसे बुरी स्थिति केरल की है। वहां कोरोना कहर बनकर टूट पड़ा है। पूरे देश में पिछले 24 घण्टे में तकरीबन 500 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। इस समय देश में करीब तीन लाख 60 हजार कोरोना केस सक्रिय हैं। लगभग 47 हजार नए केस रोज आ रहे हैं। इसमें 33 हजार मामले सिर्फ केरल के ही हैं।
बहरहाल, हम सबको कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। कोरोना से बचने के लिए मॉस्क और दो गज की शारीरिक दूरी बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार 18 वर्ष से ऊपर वाले सभी नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन दे रही है। अबतक देश के 63 करोड़ लोगों को टीका लगाया जा चुका है। भारत ने एक दिन में एक करोड़ कोरोना टीके लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी बना लिया है। स्कूल/कॉलेज खुलने लगे हैं। ऐसे में हमें बच्चों को लेकर अधिक सतर्कता रखनी होगी। क्योंकि, अभी तक बच्चों की वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है।
अंत में चतुरी चाचा ने सबको हरछठ (हलषष्ठी) व्रत, बलराम जयंती एवं कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी। इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही लेकर फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *