प्रादेशिक बिहार

बिहार : हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर की सुनवाई, जमीन खाली कर NHAI के हवाले करने का दिया निर्देश

पटना : पटना हाईकोर्ट ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित कई मामलों की आज समीक्षा एवं सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने हाजीपुर मुज़फ़्फ़रपुर राजमार्ग के मामले पर सुनवाई की। पिछली सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया गया था कि हाजीपुर स्थित रामाशीष चौक पर से सभी अवैध क़ब्ज़े ख़ाली कराया जाए, लेकिन वहाँ के जिलाधिकारी एवं एस पी द्वारा न तो बस स्टैंड और न ही टेम्पो स्टैंड ख़ाली कराया गया है। इसके अलावा वहाँ पुलिस थाना एवं पुलिस बिल्डिंग भी ख़ाली नहीं करायी गई है।

इस जानकारी के बाद खंडपीठ ने यह आदेश दिया है कि 24 घंटे के अंदर इन सभी अवैध कब्जों को मुक्त कराया जाए एवं ज़मीन ख़ाली कर के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के हवाले कर दिया जाए। उस पर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू करके पूरा किया जा सके। इसके अलावा हाई कोर्ट ने मुज़फ़्फ़रपुर के जिलाधिकारी को यह आदेश दिया कि जल्द से जल्द ज़मीनों का पैसा ज़मीन मालिकों को भुगतान कर ज़मीन का क़ब्ज़ा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिया जाए, ताकि मुज़फ़्फ़रपुर बाईपास का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो।

दूसरी तरफ़, पटना बख्तियारपुर राष्ट्रीय उच्च पथ के बारे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरीय अधिवक्ता एस डी संजय ने खंडपीठ को जानकारी दी कि इस राजमार्ग के किनारे नालों को ढँक कर सर्विस लेन का निर्माण करना है एवं अंडरपास का निर्माण प्राधिकरण को करना है। जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा राशि भुगतान किया जाना है। लेकिन उसमें देरी होने की वजह से इस राजमार्ग पर जाम की बड़ी समस्या हो रही है ।

खंडपीठ ने बिहार सरकार के अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार सिंह को इस बारे में राज्य सरकार से जानकारी लेकर अगली तिथि को बताने का निर्देश दिया। साथ ही जल्द से जल्द इस कार्य को संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा की गई। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि दस साल पहले इन राजमार्गों की शुरुआत की गई थी, लेकिन ज़मीनों के अधिग्रहण समय से न किए जाने के कारण अभी तक अन्य को सड़के पूरी नहीं की जा सकी है। जिससे एक तरफ़ जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है दूसरी तरफ़ सड़क निर्माण के ख़र्च में काफ़ी वृद्धि हो गई है। खंडपीठ ने कहा कि हमें इन राजमार्ग को बनाने के लिए जो देरी हो रही है ,उस वे समीक्षा करने का कोई शौक़ नहीं है। राज्य सरकार को इसके लिए एक विशेष प्रकोष्ठ खोलना चाहिए, जो कि इस कार्य की समीक्षा समय समय पर करके समस्याओं का निदान कर सके। इससे न्यायालय का समय बचेगा। इस मामले पर आगे भी सुनवाई की जाएगी।

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