प्रादेशिक बिहार

दरभंगा : पद्मश्री डॉ. मानस बिहारी वर्मा का हार्ट अटैक से निधन

दरभंगा : ‘तेजस’ की नींव रखने वाले बिहार के वैज्ञानिक डॉक्टर मानस बिहारी वर्मा का निधन हो गया। डॉ. मानस बिहारी वर्मा पूर्व राष्ट्रपति और मशहूर वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के लिए खास थे। मानस बिहारी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। सोमवार को दरभंगा के लहेरियासराय स्थित आवास पर हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। डॉ. मानस बिहारी वर्मा के निधन से दरभंगा में शोक की लहर है।

पद्मश्री डॉ. मानस बिहारी वर्मा के निधन पर दरभंगा प्रशासन की बेरूखी नजर आई है। मानस बिहारी वर्मा निधन की सूचना के बाद भी घर पर नहीं किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। जबकि जिला मुख्यालय से दो मिनट की दूरी पर ही उनका घर स्थित है। जिला प्रशासन के इस रवैये से लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

डॉ. मानस बिहारी वर्मा का जन्म दरभंगा के घनश्यामपुर के बाउर गांव में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा मधेपुर के जवाहर हाई स्कूल से हुई थी। जिसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना और कोलकाता विश्वविद्यालय में उन्होंने पढ़ाई की। डीआरडीओ में वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने 35 वर्षों तक काम किया। बैंगलोर, कोरापुट और नई दिल्ली में विभिन्न वैमानिकी विभागों में भी उन्होंने काम किया था। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम करने का मौका भी मिला।

डॉ. मानस बिहारी वर्मा पूर्व राष्ट्रपति और मशहूर वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के लिए खास थे। वर्ष 1986 में तेजस फाइटर जेट विमान बनाने के लिए बनी टीम में भी उन्हें शामिल किया गया था। इस टीम में मैनेजमेंट प्रोग्राम डायरेक्टर के रूप में उन्होंने अपना योगदान दिया। डीआरडीओ से जुलाई 2005 में रिटायर होने के बाद वे दरभंगा पहुंच गये। रिटायर्मेंट के बाद वे बच्चों को विज्ञान और कंप्यूटर की शिक्षा देने लगे। डॉ. मानस वर्मा को कई सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने डॉ. मानस बिहारी वर्मा को साइंटिस्ट ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया था। 2018 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया था।

 

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