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कोरोना की मार ऊपर से खाद्य सामग्री और तेलों की लगातार बढ़ती कीमत , आम आदमी का घर चलाना हुआ आफत

प्रयागराज : कोरोना महामारी के समय भी दैनिक उपयोग की वस्तुओं की लगातार बढ़ रही कीमतों से आम आदमी परेशान और हताश है। खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल का भी सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार को इनकी कीमतों में एक से दो रुपये प्रति किलो की फिर तेजी हुई। कोरोना महामारी के इस दौर में खाद्य तेलों की बेतहाशा बढ़ती कीमतों से आम नागरिक परेशान हैं और तेल कंपनियों की मनमानी पर किसी तरह का कोई नियंत्रण नहीं है।

164 रुपये प्रति किलो हुआ सरसों तेल

सरसों के तेल का थोक रेट एक पखवाड़ा पहले 155 रुपये किलो था जो अब बढ़कर 164 रुपये किलो हो गया है। फुटकर रेट 165 से चढ़कर 175 रुपये किलो हो गया। रिफाइंड का थोक रेट 153 रुपये में था जो बढ़कर 155 में हो गया है। फुटकर रेट 160 रुपये में था जो बढ़कर 170 रुपये हो गया।

पामोलीन का थोक रेट 125 से बढ़कर 129 रुपये हो गया। फुटकर में रेट जो 135 में था, वह चढ़कर 140 रुपये हो गया।

सौ के पार हुई अरहर की दाल

अरहर की दाल थोक रेट में 102 से 103 रुपये किलो पहुंच गया था। जो घटकर 101-102 रुपये किलो हो गया है लेकिन, फुटकर में अरहर की दाल 115 से 120 रुपये किलो बिक रही है। चीनी का दाम 40 रुपये से बढ़कर 42 से 45 रुपये किलो हो गई है। खाद्य तेलों की कीमतों में होली के बाद से लगातार वृद्धि जारी है। इनकी कीमतों पर किसी तरह का नियंत्रण नहीं है। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी का कहना है कि सरसों का तेल थोक में 2600 रुपये 15 किलो का टिन, रिफाइंड 2400 रुपये 15 लीटर का टिन और पामोलीन 2200 रुपये 15 लीटर का टिन हो गया है।

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