राष्ट्रीय स्वास्थ्य

नई दिल्ली : न्यूमोनिया की पहली स्वदेशी वैक्सीन “न्यूमोसिल ” को “केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री डा० हर्षवर्धन” ने किया जारी

नई दिल्ली : केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने निमोनिया की पहली स्वदेशी वैक्सीन न्यूमोसिल वैक्सीन आज जारी कर दी है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव मनोहर अगनानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। साथ ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के डॉक्टर सायरस पूनावाला और सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदर पूनावाला भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ने इस वैक्सीन को सात से आठ वर्ष के कम समय में विकसित किया है और सब प्रकार की साइंटिफिक स्क्रूटनी, लाइसेंस और अप्रूवल प्राप्त कर लिया है।

उन्होंने कहा कि “निमोनिया की वजह से बड़ी संख्या में बच्चों की मृत्यु होती है। भारत में लगभग 20 प्रतिशत बच्चे निमोनिया के दुष्प्रभाव में फंस जाते हैं। आज से पहले निमोनिया के खिलाफ कोई स्वदेशी वैक्सीन नहीं थी”। उन्होंने कहा कि “एक अनुमान के अनुसार भारत में 68,000 बच्चे निमोनिया के शिकार होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे प्री-क्वालिफाई किया है और यूनिसेफ के माध्यम से यह नया वैक्सीन दुनिया के बच्चों को मिल सकेगा। भारत में इस नये वैक्सीन का इस्तेमाल बच्चों के जीवन रक्षा के लिए राष्ट्रीय यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा”।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि “अब सीरम इंस्टीट्यूट और समूचे भारत को कोविड के खिलाफ वैक्सीन का इंतजार है। भारत के वैज्ञानिक विषम से विषम परिस्थितियों में उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। भारत ने कोविड काल में बहुत कम समय में स्वदेशी पीपीई किट, एन-95 मास्क और वेंटिलेटर बनाकर न केवल अपनी जरूरतें पूरी की हैं, बल्कि इनका निर्यात भी किया जा रहा है”।

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