अर्थ राष्ट्रीय

नई दिल्ली : 5 से 9 अक्टूबर तक होने वाले “रेज -2020″सम्मेलन का पीएम मोदी आज करेंगे उद्घाटन

देश के समग्र विकास के तहत सामाजिक क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के इस्तेमाल पर सरकार की खास पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से शुरू होने जा रहे सम्मेलन- रेज 2020 (रिस्पांस्बिल एआइ फॉर सोशल इंपावरमेंट) का करेंगे उद्घाटन

इलेक्ट्रॉनिक्स, आइटी मंत्रालय एवं नीति आयोग मिलकर कर रहे हैं सम्मेलन का आयोजन जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

वर्चुअल तरीके से होने वाले इस सम्मेलन का आयोजन पांच से-नौ अक्टूबर तक

नई दिल्ली : कोरोना संकट से जूझते भारत को आर्थिक समस्याओं से भी लड़ना पड़ा है। और इसी समस्या से निबटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार कई योजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं। देश के समग्र विकास हेतु अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के इस्तेमाल पर सरकार खासा जोर देने जा रही है। सरकार मुख्य रूप से स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा एवं स्मार्ट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में एआइ के योगदान को बढ़ाना चाहती है।

सरकार चाहती है कि भारत एआइ के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करे, इसलिए सामाजिक क्षेत्रों के विकास में एआइ के इस्तेमाल का मॉडल भारत विश्व के सामने पेश करना चाहता है। सम्मेलन के दौरान कोरोना महामारी से बचने के लिए एआइ के इस्तेमाल पर भी चर्चा की जाएगी।

एआइ और इंडियन पॉजिशन

भारत में नीति आयोग ने 2019 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए संस्थागत तरीक़े से काम करना शुरू किया है। इस साल जून में इलेक्ट्रॉनिक्स, आइटी मंत्रालय के (नेशनल -इ- गवर्नेंस डिवीजन) के समर्थन से “नैसकॉम” का नेशनल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पोर्टल लाइव हो गया है। आंकड़ों की बात करें तो ओरियन मार्केट रिसर्च के हिसाब से 2018 में भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ख़र्च 109.6% बढ़ कर 665 मिलियन डॉलर हो गया है।

2019-2025 तक भारत 39% कंपाउंड एन्युअल ग्रोथ (CAGR) दर्ज करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजें पर 11,781 मिलियन डॉलर स्पेंड करेगा। अगर प्राइवेट इंडस्ट्रीज़ की बात करें तो गूगल ने भारत में डिजिटाइजेशन के लिए 10 बिलियन डॉलर का फंड दिया है। वहीं, फेसबुक 5.7 बिलियन डॉलर Jio में इन्वेस्ट कर रहा है। भारत में इन दिनों चालीस लाख सॉफ्टवेयर डेवलपर्स हैं और 2024 तक हम विश्व के सबसे ज़्यादा सॉफ्टवेयर डेवलपर्स वाले देश हो जाएंगे। AI एडॉप्ट कर इस पर काम करने वाले डेवलपर्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।

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