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अयोध्या : राम मंदिर निर्माण के लिए यह है सरकार का ‘मास्टर प्लान’…

अयोध्या : रामलला की जन्मभूमि अयोध्या और उनकी यादों के धरोहर राम मंदिर के नवनिर्माण की हर पल की तैयारियों की एक झलक पाने को पूरा देश टकटकी लगाए बैठा है। सरकार ने भी इसके लिए काफी तैयारियां कर रखी हैं। तो आइए जानते हैं कि क्या है अयोध्या प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान-

अयोध्या को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए भारत सरकार के कई मंत्रालय मिलकर मास्टर प्लान पर काम कर रहे हैं। अयोध्या को लेकर सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी कुछ खास योजना बनाई है। यह योजना है अयोध्या में सड़कों का जाल बिछाने का।

भगवान राम के जन्मस्थल से लेकर उनके वनवास व मां जानकी के जन्मस्थल जनकपुर तक सड़कों का जाल बिछाने का रोडमैप तैयार किया गया है।

रामजानकी मार्ग – अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि से मां सीता के जन्मस्थल जनकपुर तक राम जानकी मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। 218 किलोमीटर लंबी सड़क अयोध्या से छावनी, कलवारी, बड़हलगंज, बरहज , सीवान, चोकिआ, मधुबनी, सीतामढ़ी से नेपाल बॉर्डर होते हुए जनकपुर तक जाएगी।
इस मार्ग से ही प्रभु श्रीराम स्वयंवर के लिए जनकपुर गए थे | इस सड़क की कुल लागत 506 करोड़ रुपये है।

राम वनगमन मार्ग – भगवान राम से जुड़ी जगहों को आपस में सड़कों के साथ जोड़ा जा रहा है। प्रभु श्री राम वनवास के दौरान जिन रास्तों से गए थे, उन रास्तों को जोड़ते हुए 262 किलोमीटर राम वनगमन मार्ग तैयार किया जा रहा है, जो अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ेगा ।यह सड़क अयोध्या से फैज़ाबाद, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जेठवारा, श्रृंगवेरपुर, मंझनपुर, राजपुर होते हुए चित्रकूट पहुंचेगी। इस सड़क की लागत 1800 करोड़ रुपये है।

84 कोशी परिक्रमा मार्ग-यह करीब 275 किलोमीटर का है। इसे भी जोड़ने के लिए एनएचएआइ (NHI) ने सर्वे शुरू कर दिया है। यह यूपी के 5 जिलों बस्ती, फैज़ाबाद, अम्बेडकरनगर ,बाराबंकी व गोंडा में फैला हुआ है। 84 कोसी यात्रा की हिंदुओं में बहुत ही ज्यादा मान्यता है | माना जाता है की 84 लाख योनियों में भटकने से बचने के लिए अयोध्या की 84 कोसी यात्रा करते हैं | राजा दशरथ के वक्त अयोध्या इन 5 जिलों में फैला हुआ था। सरकार की योजना है कि चौरासी कोस मार्ग के साथ ही इन 5 जिलों के धार्मिक स्थल को भी विकसित किया जाए।

इसके अलावा, सड़क परिवहन मंत्रालय ने अयोध्या बाईपास के सौंदर्यीकरण के लिए 55 करोड़ रुपये मंजूर किये हैंं। अयोध्या शहर में प्रवेश करने वाले इस बाइपास को खास तौर से तैयार किया जा रहा है। सड़क के बीच फव्वारे व रामायण से जुड़ी प्रतिमाएं लगाई जाएंगी।

अयोध्या से जुड़ने वाली लखनऊ-गोरखपुर हाईवे को 4  से 6 लेन करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

 

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