दरभंगा स्थानीय

दरभंगा : सीएम नीतीश ने कोरोना इलाज व्यवस्था का किया ऑनलाइन मुआयना

दरभंगा : कोरोना की रोकथाम के लिए बिहार के विभिन्न जिलों के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में की गई व्यवस्था का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा ऑनलाइन अवलोकन किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत
उपस्थित थे।

सबसे पहले प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मुंगेर के प्रमुख मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 के पॉजिटिव मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गयी है, जिनका ऑनलाइन अवलोकन कराया जाएगा तथा वहाँ के जिलाधिकारी द्वारा कोविड-19 सुरक्षा व बचाव के लिए किए जा रहे टेस्टिंग एवं इलाज की व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।

प्रधान सचिव द्वारा बताया गया कि 30 जुलाई को बिहार में 22,742 लोगों की जाँच की गई है। यहाँ के हॉस्पिटल में बेड की संख्या बढ़ाई गई है, वेंटीलेटर की संख्या बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में बी टाइप के 9,484 एवं डी टाइप के 6,826 ऑक्सीजन सिलेंडर बिहार में उपलब्ध हैं। अब प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कोरोना जाँच की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। जो लोग भी इच्छुक हैं, वे कोरोना की जांच पीएचसी में करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह के अंत तक मरीजों के प्रतिशत को घटाकर 5 से 6 प्रतिशत पर लाना है और निश्चित रूप से अगले कुछ सप्ताह में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत कम हो जाएगी। जिलों में मरीजों के इलाज की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है | हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता को बढ़ाया जा रहा है।

इसके उपरांत बारी-बारी से सभी जिलों के जिलाधिकारी द्वारा अपने-अपने जिले में कोविड-19 के पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए की गई व्यवस्था एवं कोरोना टेस्टिंग की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी दरभंगा डॉ0 त्यागराजन एस एम द्वारा बताया गया कि दरभंगा जिले में अबतक 16065 लोगों की जांच कराई गई है, जिनमें 814 पॉजीटिव केस मिले हैं, जिले का पॉजिटिविटी रेट 5% है। वर्त्तमान में 281 एक्टिव केस हैं, जिनमें से 226 होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि दरभंगा में लक्ष्य के अनुरूप जाँच की जा रही है। जाँच में शहरी क्षेत्र के 8 से 9% लोग कोरोना के पॉजिटिव मिल रहे हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 3 से 4% कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। कांटेक्ट में 7% तथा हाट बाजार में 3% लोग जांच में पॉजिटिव मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के 18 पीएचसी, 5 शहरी पीएचसी एवं बेनीपुर सब डिविजनल हॉस्पिटल में कोरोना टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है। जल्द ही 100 बेडेड डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर चालू हो जाएगा, जहां टेलीमेडिसिन की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। डीएमसीएच में बेड एवं वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध हैं। वर्तमान में 7 बेड में वेंटिलेटर एक्टिव है। जिले में 1047 बेड व 441 ऑक्सिजन सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध है, और 250 ऑक्सीजन सिलेंडर 4 दिनों में प्राप्त हो जाएगा। रेलवे कोच के 320 बेड, बेनीपुर सब डिविजनल अस्पताल में 55 बेड तथा बिरौल सहित 4 पीएचसी में भी बेड की सुविधा उपलब्ध है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कोरोना टेस्ट के लिए आयोजित शिविर में 360 लोगों की जांच कराई गई थी, जिनमें 12 पॉजीटिव केस मिले हैं, जिन्हें डीएमसीएच में इलाज के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले को एडवाइजरी, दावा किट्स इत्यादि दिया जा रहा है साथ ही समय-समय पर कॉल करके उनका हालचाल लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तथा आपदा राहत केंद्र में भी अधिक से अधिक कोरोना की जांच कराने के निर्देश दिए गए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री को सहायक समाहर्ता प्रियंका रानी द्वारा डीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में की गयी व्यवस्था का ऑनलाइन अवलोकन कराया गया। वहाँ के एम्बुलेंस, रिसेप्शन काउंटर, पीपीई किट्स में उपलब्ध डॉक्टर एवं अटेंडेंट, आइसोलेशन वार्ड के बेड एवं बेड में लगे वेंटिलेटर को दिखलाया गया। ऑनलाइन बैठक में आयुक्त मयंक बरबड़े, पुलिस महानिरीक्षक अजिताभ कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार उपस्थित थे |

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