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क्यों जरूरी है दूध का नियमित मात्रा में उपयोग।

दूध एक अमृत आहार …पर हो सकते हैं इससे भी विकार

   डाइटीशियन अमृता 

दूध ही एकमात्र ऐसा आहार है जिसका सेवन हम जीवनपर्यन्त करते हैं। यह हमारे शरीर को पोषित कर उसे मजबूत बनाता है, उसके विकास को बढ़ाता है, बीमारियों से लड़ता है व उन्हें दूर भी रखता है और इसके यही गुण इसे सभी आहारों में सर्वश्रेष्ठ बनाते हैं। दूध पोषक तत्वों का एक अद्वितीय संतुलन प्रदान करता है और इसे “अमृत आहार” भी माना जाता है। इसमें 9 आवश्यक पोषक तत्व ,कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम, फास्फोरस, राइबोफ्लैविविन, नियासिन और विटामिन ए, डी और बी 12 प्रचूर मात्रा में मौजूद होता है।


दूध में कैल्शियम होता है जो हड्डियों और दांतों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मांसपेशियों के निर्माण में भी योगदान देता है। दूध विभिन्न प्रकार के जानवरों से प्राप्त हो सकता है, जिनमें से सभी स्वस्थ लाभ प्रदान करते हैं। गाय, भैंस, बकरियां, भेड़, याक और ऊंट का दूध हमेशा फायदेमंद साबित हुआ है। गर्म दूध के एक गिलास का सेवन तनाव को कम करने और नसों को आराम देने में मदद करता है। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है।
दूध आपकी मांसपेशियों के खिचाव को कम करता है।कसरत या व्यायाम करने के बाद, दूध का सेवन आपकी ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है और मांसपेशियों की मरम्मत करता है।
यदि आप गले में दर्द महसूस कर रहे हैं, तो दर्द से राहत दिलाने के लिए दूध का एक गर्म कप आपको दर्द से छुटकारा दे सकता है।

त्वचा के रंग को निखारने के लिए भी बहुत से लोग दूध का इस्तेमाल करते हैं। अपने चेहरे और गर्दन पर कच्चे दूध को लगाएं और 10 मिनट तक लगे रहने दें। फिर ताजे पानी से चेहरे और मुँह को धो लें, यह आपकी त्वचा को नरम बनाने में भी मदद करेगा।

हालांकि कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करने के लिए माना जाता है, लेकिन यह कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों और स्ट्रोक की संभावनाओं को भी कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए दूध का नियमित मात्रा में सेवन करना आपके दिल के लिए भी अच्छा है ।

एक सीमित मात्रा में दूध पीना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।

हालाँकि कई मामलों में दूध शरीर के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, कई लोगों को दूध से एलर्जी होती है।

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि डेयरी उत्पादों का सेवन करने से प्रास्टेट कैंसर होने का खतरा बना रहता है।

कई बार वसायुक्त दूध का सेवन करने से हमारी त्वचा पर मुहासे, एकनी और फुंसी जैसी समस्याएं भी होती हैं।

दूध में संतृप्त वसा की एक पर्याप्त मात्रा होती है, जिससे कोलेस्ट्रोल के स्तर में वृद्धि हो जाती है जिससे की मोटापा, रक्तचाप या अन्य हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं।

ठंडे दूध का सेवन करने से बलगम या कफ की समस्या हो जाती है।

गाय का दूध पीने से पाचन संबंधी विकार हो जाते हैं। जिसके कारण पेट में सूजन या दर्द होता है। ऐसा तब होता है जब आपको लैक्टोज से ऐलर्जी होती है।

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