दरभंगा स्थानीय

कोरोना महामारी से बचाव हेतु मास्क जरूर पहनें एवं दूसरों को भी प्रेरित करें : सीएम नीतीश

कहा, आपदा की घड़ी में बिहार के मजदूरों का दूसरे राज्यों ने ख्याल नहीं रखा

कोई भी मजदूर मजबूरी में राज्य के बाहर नहीं जाए

राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, सरकार इस योजना पर कर रही है कार्य

दरभंगा : मुख्यमंत्री, बिहार नीतीश कुमार ने कहा है कि कोरोना महामारी से बचाव हेतु मास्क पहनना एवं सोशल डिस्टेसिंग नियम का पालन सबसे कारगर तरीका है। मास्क पहने रहने से कोरोना वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है । मास्क पहने हुए व्यक्ति को संक्रमित होने का खतरा कम हो जाता है। इसलिए सभी लोगों को मास्क पहनना जरूरी है। अब मास्क का पर्याप्त मात्रा में निर्माण हो रहा है। जीविका समूहों द्वारा भी बड़ी मात्रा में मास्क का निर्माण किया जा रहा है. इससे जीविका स्वयं सहायता समूहों के आय में बढ़ोतरी भी हो रही है.

सीएम ने कहा कि मास्क पहनने हेतु लोगों को प्रेरित करने के लिए सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों को 100 रूपये मूल्य अन्तर्गत 04-04 मास्क एवं एक साबुन मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों के बीच भी शीघ्र चलाई जायेगा |

मुख्यमंत्री द्वारा सभी जन प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि सभी लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करें।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी को नियंत्रित करने हेतु हर संभव कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की माह मार्च में चर्चा होने के साथ ही 13 मार्च को पटना में पहली बैठक की गई। केन्द्र सरकार द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की घोषणा के बाद बिहार राज्य में सबसे पहले 23 से 31 मार्च तक का लॉक डाउन घोषित किया गया।
उन्होंने कहा है कि आपदा की घड़ी में बिहार के मजदूरों का दूसरे राज्यों ने ख्याल नहीं रखा। राज्य सरकार द्वारा लॉक डाउन से प्रभावित हुए राज्य के बाहर रह रहे मजदूरों से बातें कर अपने संसाधनों से तुरंत एक एक हज़ार रूपये की सहायता पहुंचाई गयी. फिर उनलोगो के वापस लाने के लिये ट्रेनें चलवाई गयी. यहां आने पर उन्हें पहले गांव के स्कूल में रखा गया. फिर पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड स्तरीय क्वारंटीन कैंप में रखा गया. क्वारंटीन कैंप में उनहें भोजन, आवासन एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गयी. उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर से लौटे सभी मजदूरों को राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा, सरकार इस योजना पर कार्य क़ऱ रही है । उन्होंने कहा है कि कोई भी मजदूर मजबूरी में राज्य के बाहर नहीं जाये।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से जिला स्तर से लेकर प्रखण्ड स्तर तक के सभी पदाधिकारियों/जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। यह कार्यक्रम विभिन्न टी.वी. चैनलों पर भी सीधा प्रसारित किया गया |
उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु 24 मार्च 2020 की अर्ध रात्रि से देश भर में लॉक डाउन लागू है। जो 30 जून तक विस्तारित की गई है। कहा कि 01 जून 2020 से लागू लॉक डाउन 5.0 में सभी आर्थिक एवं व्यवसायिक गतिविधियाँ खुल गई है। इससे बाजारों में भीड़-भाड़ बढ़ गई है। कहा कि कोरोना का खतरा अभी बरकरार है इसलिए घर से निकलने पर सभी लोग मास्क का अवश्य प्रयोग करें एवं एक-दूसरे से 02 गज की दूरी बनाये रखें । साबुन से बराबर हाथ धोते रहें । संभव हो तो हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें।
उन्होंने आशा व्यक्त किया कि तीव्र इच्छा-शक्ति से हम कोरोना को हराने में सफल होंगे। इसके पूर्व उपमुख्यमंत्री, बि सुशील कुमार मोदी एवं स्वास्थ्य मंत्री, बिहार श्री मंगल पाण्डेय ने भी अपने सम्बोधन में कोरोना बीमारी से बचाव हेतु मास्क पहनने एवं सोशल डिस्टेसिंग नियम का पालन करने की बातें कही।
जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री के जन संदेश कार्यक्रम को दिखाने हेतु व्यापक प्रबंध किया गया था। जिलाधिकारी के कार्यालय प्रकोष्ठ एवं समाहरणालय का अम्बेदकर सभाकक्ष सहित सभी प्रखण्ड मुख्यालयों एवं पंचायत स्तर पर माननीय मुख्यमंत्री के जन संदेश कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया।
जिला पदाधिकारी के कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम., नगर आयुक्त घनश्याम मीणा, प्रशिक्षु आई.ए.एस. प्रियंका रानी, जिप अध्यक्षा, जिप उपाध्यक्षा, नगर निगम के कॉसेलर आदि उपस्थित हुए। जबकि समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं जन प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

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