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IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड : गिरफ्तार सलमान ने किया कुबूल, पीटते ले जाया गया ताहिर के घर, 400 दफा मारा गया चाकू

आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी सलमान ने पूछताछ में अहम खुलासे किये हैं. हिंसा के दौरान बरामद किए गए सैकड़ों मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और सलमान से आगे की पूछताछ से भी पुलिस को अहम सुराग मिलने का भरोसा है.

नई दिल्ली : राज्य में हिंसा के दौरान चांद बाग इलाके के एक क्रिमिनल मूसा का फोन स्पेशल सेल ने सर्विलांस पे लगा रखा था, उसी बातचीत में सलमान का नाम सामने आया था. सलमान का फोन जब सर्विलांस पे लगाया गया तो वो फोन पर किसी से बात करते हुए सुनाई दिया कि, ‘हमने एक को गोद दिया’. इसके बाद सलमान को स्पेशल सेल ने उठाया. सलमान ने पूछताछ में बताया कि किस तरह से अंकित शर्मा की हत्या की गई थी. गिरफ्तार सलमान मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है. 2005 से सुंदर नगरी इलाके में रह रहा है. सलमान प्याज की रेहड़ी लगाने का काम करता है और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का ही रहने वाला है. शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.

सलमान ने दिया हत्या की वारदात का सिलसिलेवार ब्यौरा

सलमान ने पूछताछ ने बताया कि हिंसा के दौरान चांद बाग इलाके में एक खबर फैली थी कि, 4 साल के एक बच्चे को जो मुसलमान है, उसे पुलिस ने गोली मार दी है, जिसके बाद इलाके के लोग गुस्से में थे. भीड़ उग्र हो गई थी. सामने से पत्थरबाजी हो रही थी. पुलिस भी सामने से खदेड़ रही थी तभी सलमान ने देखा कि 15-20 लोग एक शख्स को घसीट कर ला रहे हैं और उसे पीट रहे हैं. सलमान भी उधर दौड़ा और 3 बार चाकुओं से उसे गोद डाला और हाथ और पैर से हमले भी किए. काफी लोग और भी उसे मार रहे थे, वो अंकित ही था, बाद 4-5 लोग अंकित की लाश को नाले में फेंक गए. स्पेशल सेल को शक है कि अंकित हत्याकांड में इलाके के क्रिमिनल मूसा का भी हाथ है लेकिन फिलहाल मूसा फरार है.

पुलिस का संदेह

दरअसल पुलिस को शक है कि अंकित की हत्या ताहिर हुसैन के घर में की गई है. दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामले में ताहिर हुसैन के 2 और करीबियों गुलफाम और तनवीर को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस को इस मामले में सबूतों की तलाश है. अंकित हत्याकांड में कुछ और लोगों की गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है.

फोन की फोरेंसिक जांच से अहम खुलासों की उम्मीद

दिल्ली पुलिस ने हिंसा के बाद उपद्रवियों और अपराधियों के सैकड़ों फोन बरामद किये थे. अब उन इन तमाम मोबाइल फोन्स की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है, ताकि ये पता लगाया जाए हिंसा की प्लानिंग कैसे की गई है. कैसे व्हाट्सएप मैसेज, फोन या कॉल के ज़रिये हिंसा में शामिल होने के लिए बाकी उपद्रवियों को उकसाया गया, उन्हें हिंसा फैलने वाले इलाकों में बुलाया गया. पुलिस का मानना है कि इस जांच में ये मोबाइल फोन सबसे अहम कड़ी साबित हो सकते हैं.

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