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सांस्कृतिक कुम्भ अपनी पूरी रवानी पर 

प्रयागराज- कुम्भ प्रांगण में उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के मंचों की धूम है. विभाग के पाँचों मंचों पर विविध सांस्कृतिक गतिविधियां दर्शकों को लुभा रही हैं और अब तो दर्शक नियमित रूप से यहां आने लगे हैं और हर कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं.

बात करें सर्वप्रमुख गंगा मंच की मेला क्षेत्र के सेक्टर १ स्थित गंगा मंच पर ॐ नमः शिवाय सीरियल की नाटकीय प्रस्तुति देखी गई. इस सीरियल के मुख्य कलाकार मोहित सूरी द्वारा इसका प्रस्तुतिकरण किया गया. इस लोकप्रिय सीरियल में मोहित सूरी ने महादेव शंकर  की भूमिका निभाई है. दर्शक उन्हें मन्च पर अपने सामने देख कर रोमान्चित थे.

सेक्टर ४ स्थित अक्षयवट मंच पर दर्शकों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया. मंच पर मुंबई और दिल्ली के कलाकार छाये रहे. मुंबई की गायिका डॉक्टर सोमा बोस ने उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया. उनके गायन ने वातावरण में एक गंभीर सौन्दर्य की सृष्टि की. उनके उपरान्त श्रीराम भारती कला केंद्र, दिल्ली ने रामलीला का मंचन करके उपस्थित दर्शकों को धर्म भाव में डुबोया.

सेक्टर ६ स्थित भारद्वाज मंच पर लोकरंग फाउन्डेशन, लखनऊ के द्वारा प्रशिक्षित बच्चों की प्रस्तुतियों ने देखने वालों का मन मोह लिया. इन प्रस्तुतियों में लोकगायन, विवाह गीत, फाल्गुनी गीत लोगों को बहुत पसन्द आये.

झारखंड के कलाकार दीनू पाइका, जनानी, मर्दानी एवं झूमर लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया.  उनके बाद अयोध्या के लोक-कलाकार विजय यादव ने फरवाही लोक-नृत्य की प्रस्तुति दी. इस नृत्य के बाद वाराणसी  की ममता शर्मा के भजनों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया. भजनों के बाद वाराणसी की ही यथार्थ क्रिएशन सोसाइटी के द्वारा विविध लोकनृत्य प्रस्तुत किये गए.

सेक्टर १७ के यमुना मंच पर असम के कलाकार हेमचन्द्र गोस्वामी के द्वारा लोकनाट्य शैली – अंकिया नाट के मंचन से कार्यक्रम की शरुआत हुई. इसके बाद विशेष प्रस्तुति के रूप में सामने आई रासलीला  जो कि दर्शकों के लिए इस मंच पर असम के उत्तर कमलाबाड़ी संत शंकरदेव कृषि संघ द्वारा प्रस्तुत की गई.

लखनऊ के अंजनी उपाध्याय के भोजपुरी गीतों ने दर्शकों को झूमा दिया.  भोजपुरी गीत के उपरांत वारणसी के डॉक्टर मन्नू यादव के बिरहा गायन ने दर्शकों मंच को भावुक कर दिया.

मेला क्षेत्र के सेक्टर 13 स्थित सरस्वती मंच पर हरियाणा के कलाकार मनीष जोशी द्वारा निर्देशित रामायण पर आधारित नाटक का मंचन किया गया जिसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया. इसके उपरान्त दिल्ली के अरविन्द सिंह का कथा एक कंस की नामक नाटक प्रस्तुत किया गया.  नाटक के संवाद जितने प्रभावशाली थे, चरित्रों का अभिनय भी उतना ही आकर्षक रहा.

अब बात करते हैं प्रयागराज शहर में उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा तैयार किये गए कलामंच जो कि प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के मेजबान बने हुए हैं.

विश्वविद्यालय तिराहा-केपीयूसी मंच, राजापुर ट्रैफिक चौराहा मंच और दरभंगा चौराहा मंच पर लखनऊ के शालोम वेलफेयर सोसाइटी द्वारा नाटक का मंचन किया गया. यहीं पर जौनपुर के विनीत पपेट ग्रुप ने कठपुतली का खेल दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया.

हीरालाल हलवाई-गोल चौराहा मंच, सरस्वती घाट-नैनी ब्रिज इन्फॉर्मेशन सेंटर मंच और रेलवे जंक्शन प्रयारगराज मंच पर लखनऊ के हरिसुधा सोशल रिफार्म फॉउंडेशन द्वारा मंचित नाटक देखा गया. प्रयागराज की रवीन्द्र कुमार जादूगर एंड पार्टी ने जादू का कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी.

कुम्भ
कुम्भ

लेटे हुए हनुमानजी मंदिर मंच और किला  चौराहा मंच पर प्रयागराज के आज़ाद संस्कृत ग्रुप के गेंदालाल द्वारा लोकगीत की प्रस्तुति दी गई. यहीं पर प्रयागराज के ही रवि लोकगीत बिरहा पार्टी के शंकर बिरहा गायन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया.

केपी इंटर  कॉलेज मंच, लेप्रोसी मिशन चौराहा मंच और गऊघाट मंच पर प्रयागराज के नन्दलाल पटेल की नौटंकी का दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया. इन मंचों पर प्रयागराज के ही श्यामसुंदर वैश्य जादूगर एंड पार्टी द्वारा जादू का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.

संस्कृति ग्राम चौराहा मंच, अरैल-सच्चा आश्रम मंच और वल्लभाचार्य मोड़ मंच पर विदिशा के परमानन्द केवट के निर्देशन में ढिमराई नृत्य का सुन्दर प्रदर्शन देखा गया.  इन कलाकारों में सूरज, विष्णु और साथी कलाकार जिनमे राजू लाल, कमल, पप्पू आदि सम्मिलित थे.

संचालक परमानंद के अनुसार मध्य प्रदेश के केवट समुदाय में यह नृत्य हर खुशी के अवसर पर किया जाता है. यहीं सागर के प्रकाश यादव ने बरेदी लोकनृत्य करके  दर्शकों की प्रशंसा बटोरी

लोकसेवा आयोग चौराहा मंच, सिविल लाइंस बस स्टॉप – हिन्दू महिला इंटर कॉलेज मंच और पत्थर  वाला चर्च मंच पर दर्शकों को सोनभद्र के श्री मंत्री की बृहद सांस्कृतिक एंड पार्टी द्वारा लोक नृत्य  देखने को मिला.

इन्हीं मंचों पर सुल्तानपुर के हरिपाल यादव ने लोकगायन के कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये. कार्यक्रम की शुरुआत गुरु माधवराम जी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ गीत ‘बेटी अहाई सृष्टि के आधार मोरे बीरना’ गीत से हुई. इसके बाद उन्होंने कुंभ मेला गीत ‘कुंभ के मेला में ठेली- ठेला’ गायन की प्रस्तुति हुई. गुरु माधवराम जीने रामचरित मानस की तर्ज पर श्याम चरितमानस की रचना की है जिसे भारत सरकार सरकार से मान्यता भी मिली है.

बालसन चौराहा-नेहरू पार्क मन्च, इंद्रमूर्ति चौराहा-हाईकोर्ट रोड मंच और  चौफटका चौराहा-कानपुर रोड मंच पर मध्यप्रदेश के सिवनी जिले की हर्षान्जलि सांस्कृतिक संस्था क्यूलारी का अहिरी गुदुम लोकनृत्य प्रस्तुत किया. यहीं पर लखनऊ के समानांतर कला संस्थान द्वारा भी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई

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